Safe Journey, PRIYA!
घर जा रही हो पर दिल और मन यहीं पर है...
कल जा रही हो न पाण्डा..... ❤️
प्रिया, जब तुम कल इस शहर से अपने घर के लिए निकलोगी, तो पीछे एक खालीपन रह जाएगा।
वो कॉलेज की मस्ती और आपकी वो प्यारी सी cute की मुसकान और वो सारी बातें... मुझको बहुत याद आएगा। पर खुशी इस बात की है कि आप अपने घर जा रही हो, अपनों के पास। पता है आज कितना अच्छा लगा मुझे, मतलब explain नहीं किया जा सकता। और जब गुस्सा होक डांटती हो तो और अच्छा लगता है, और आनन्द भी आता है। सबके बारे में इतना सोचती हो, कभी अपने बारे में भी सोचा करो। क्या कहूँ, क्या न कहूँ, बहुत कुछ है कि बैठ के बातें करूँ लेकिन किसी की पढ़ाई disturb नहीं होनी चाहिए और हम तो दोस्त हैं ना। हैं ना? उस दिन आपने कुछ पूछा था और मैंने कोई उत्तर नहीं दिया था, या शायद दिया था लेकिन आपने सुना नहीं होगा। पता है कुछ तो अच्छा किया होगा जीवन में तभी पहली बार कोई ऐसा दोस्त मिला है जो कभी judge नहीं करता मुझे। Thankkkkkkkk youuuuuu PRIYA, for everything, और कभी उदास, या परेशान नहीं होना क्योंकि प्रभु भी नहीं चाहेंगे कि आप कभी उदास हो, क्योंकि इतना प्यारी बच्ची हमेशा खुश और हँसती हुई प्यारी लगती है। पता है, अगर मेरी भतीजी हुई तो उसका नाम प्रिया रखूंगा, जिससे लगे कि हमेशा साथ तो हो मेरे। और हाँ.... नहीं कुछ नही। और मैं जानता हूँ कि call नहीं हो सकती हम लोगों की घर पर लेकिन हाल चाल पूछ लिया करना थोड़ा समय निकाल कर, क्योंकि मैं प्रतीक्षा करता रहूंगा, किन्तु आगे आपकी इच्छा। और मैं बहुत खुश हूं कि आप घर जा रही हो, आखिर वही तो पहली दुनिया है आपकी, माँ के हाथ का खाना, भाई-बहनों के साथ कुछ दिन, साथ हँसना, मस्ती, मज़ाक। कितने भाग्यशाली हैं वो और ...... क्या ही लिखूँ समझ में नहीं आ रहा और जा तो मैं भी रहा हूँ अपने घर और खुश भी हूँ कि सबसे इतने दिन बाद मिलूंगा, लेकिन एक कमी रहेगी...... "तुम्हारी" क्योंकि यहां जितनी देखभाल आपने की है मेरी उतना किसी ने नहीं की है। मेरी वजह से आप इतना परेशान होती हो, उसके बाद भी हँसती रहती हो। यार लिखते लिखते मैं emotional हो गया, SORRY. ज्यादा दूर मत जाना और अगर जाना तो बता कर जाना। और हाँ, जब आओगी तो पक्का idli खिलाऊंगा, PROMISE. एक तो मैंने पूरे group को तोड़ दिया है, और बिल्कुल आप माने चाहे न माने, ये पूरी तरह मेरी ही वजह से हुआ है। प्रयास करूंगा कि सब सही हो जाये। बस कभी अपने इस दोस्त को भूलना मत, सही - गलत बताते रहना। और PRIYA.......... कुछ नहीं, किसी और दिन....
"और सफर का आनंद लेना, खिड़की वाली सीट पर बैठकर मुस्कुराना और जब खिड़की के बाहर देखो तो मेरे बारे में सोचना की हाँ वो दूर खड़े होकर कोई हाथ दिखा रहा है और हाँ... पहुँच कर बता देना। क्योंकि तुम्हारे बिना यहाँ सब कुछ थोड़ा अधूरा लगेगा। "
बस तुम्हारा एक दोस्त। वो दोस्त जो तुम्हें हमेशा खुश देखना चाहता है। MISS YOU. SIGNING OFF.❤️🤝
"अलविदा नहीं, बस फिर से मिलने का वादा..."
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